Edited by: Edvin Masih
दिल्ली में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे तीन प्रमुख मार्गों को राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। करीब एक वर्ष पहले दिल्ली सरकार की ओर से किए गए अनुरोध के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इन कॉरिडोरों के विकास की जिम्मेदारी संभाल ली है। इसके तहत व्यवहार्यता अध्ययन (फीजिबिलिटी स्टडी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
जिन मार्गों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें इंडिया गेट से बदरपुर तक का मथुरा रोड, पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए टीकरी बॉर्डर तक जाने वाला रोहतक रोड कॉरिडोर तथा अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम सीमा तक का मेहरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड) मार्ग शामिल है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल दिल्ली के भीतर यातायात को सुगम बनाना नहीं है, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को भी जाम से राहत दिलाना है। इन मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा।
परियोजनाएं तय समय के भीतर पूरी होने पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगी। इसके साथ ही राजधानी में यातायात व्यवस्था बेहतर होने से आर्थिक गतिविधियों और लोगों की दैनिक आवाजाही पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
आमतौर पर दिल्ली की अधिकांश आंतरिक सड़कों का रखरखाव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) करता है। लेकिन इन तीन मार्गों का सीधा जुड़ाव राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से होने और इनकी जटिल यातायात व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इनके विकास और सुधार की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपने का अनुरोध किया था।
इन तीन कॉरिडोरों पर रहेगा विशेष फोकस
मथुरा रोड कॉरिडोर
इंडिया गेट से बदरपुर तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा यह मार्ग दक्षिण दिल्ली को फरीदाबाद और आगरा की दिशा से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। इस पूरे कॉरिडोर पर करीब सात प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं, जिनमें निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, भोगल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जामिया कट, सीआरआरआई और अपोलो अस्पताल के आसपास के चौराहे प्रमुख हैं। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण यहां अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है।
रोहतक रोड कॉरिडोर
करीब 17 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पंजाबी बाग से शुरू होकर पीरागढ़ी, नांगलोई, मुंडका और टीकरी बॉर्डर तक जाता है। औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बना रहता है। मार्ग पर मौजूद छह प्रमुख चौराहे अक्सर जाम की वजह बनते हैं।
मेहरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड) कॉरिडोर
दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना लाखों लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। लगभग 18 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर सुल्तानपुर, घिटोरनी, अर्जनगढ़ और सिकंदरपुर जैसे प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल हैं। कार्यालय समय के दौरान यहां वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिससे लोगों को नियमित रूप से ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित सुधार कार्यों के बाद इस मार्ग पर यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

Edited By: Edvin Masih, District Reporter South East

