बिजनौर: सदर मार्केट में अतिक्रमण का ‘मकरजाल’, आधी बची सड़कें, जनता बेहाल और प्रशासन मौन!

Edited By: Amrit Samuel, District Reporter Bijnor 19/07/2026

बिजनौर। शहर का दिल कहे जाने वाले मुख्य बाजार ‘सदर मार्केट’ में इन दिनों पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। व्यापारियों की मनमानी और सड़कों पर अवैध कब्जे के कारण यह ऐतिहासिक और व्यस्ततम बाजार अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। आलम यह है कि दोनों तरफ से दुकानों का सामान सड़कों पर सजे होने के कारण मुख्य मार्ग सिकुड़ कर आधा रह गया है, जिससे हर रोज हजारों लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं।

दुकानें अंदर, सामान सड़क पर: व्यापारियों की मनमानी चरम पर

स्थानीय निवासियों और खरीदारों का आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने चंद मुनाफे के चक्कर में सड़क को अपनी बपौती समझ लिया है। दुकानों के आगे अवैध रूप से तख्त, कपड़े के स्टैंड, और काउंटर लगा दिए गए हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि बाजार में आने वाले ग्राहकों को अपने दोपहिया या चौपहिया वाहन खड़े करने तक की जगह नहीं मिल पाती। अगर कोई ग्राहक मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा भी करता है, तो तुरंत पूरी सड़क पर ट्रैफिक रेंगने लगता है।

तस्वीर बयां कर रही हकीकत: बाजार की वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे सड़क के दोनों किनारों को कपड़ों के रैकों, होर्डिंग्स और ठेलों से पाट दिया गया है। बीच की बची संकरी जगह से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।

त्योहार हो या आम दिन, हर रोज की यही कहानी

सदर मार्केट में खरीदारी करने आए एक स्थानीय नागरिक ने बताया, “इस बाजार में आना अब आफत को दावत देने जैसा है। व्यापारियों ने सड़कों पर कब्जा कर रखा है, जिससे न तो पैदल चलने की जगह बची है और न ही गाड़ी पार्क करने की। हर रोज यहां लोग आपस में उलझते और परेशान होते नजर आते हैं।”

प्रशासन से गुहार: अब तो जागिए हुक्मरान!

इस अव्यवस्था को लेकर अब आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों और भुक्तभोगी जनता ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से बेहद सख्त लहजे में कार्रवाई की मांग की है:

  • अतिक्रमण हटाओ अभियान की दरकार: जनता की मांग है कि सिर्फ कागजी चेतावनी के बजाय प्रशासन धरातल पर उतरे और सड़क घेरने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाए।
  • सख्ती से निपटे पुलिस: बाजार में नियमित पुलिस गश्त हो, ताकि कोई भी दुकानदार दोबारा सड़क पर सामान न फैला सके।
  • पार्किंग की व्यवस्था हो: ग्राहकों के लिए नो-पार्किंग जोन और व्यवस्थित पार्किंग का निर्धारण किया जाए।

हमारा नजरिया: बिजनौर प्रशासन से यह पुरजोर गुहार है कि आम जनता की इस दैनिक प्रताड़ना को गंभीरता से लिया जाए। सदर मार्केट को इस ‘मकरजाल’ से मुक्त कराने के लिए एक बड़े और सख्त एक्शन की तुरंत जरूरत है, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुधर सके और लोग चैन की सांस ले सकें। क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेकर कोई बड़ी कार्रवाई करेगा, या जनता यूं ही पिसती रहेगी? यह एक बड़ा सवाल है।

(ब्यूरो रिपोर्ट, बिजनौर)

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