दिल्ली/लखनऊ/ उत्तराखण्ड:18/07/2026 आए दिन स्कूलों से सामने आ रही भयावह घटनाओं ने अभिभावकों के दिल में दहशत पैदा कर दी है। क्या स्कूल अब बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रहे? यह सवाल अब हर माता-पिता की जुबान पर है। इसी गंभीर चिंता को देखते हुए, ‘द लाइट न्यूज़ इंडिया’ ने एक राष्ट्रव्यापी मुहीम शुरू की है, जिसकी मांग है कि हर क्लासरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे का एक्सेस अभिभावकों को मिलना चाहिए।
क्यों ज़रूरी है यह कदम? हालिया घटनाएं बनीं आईना
स्कूलों में बरती जा रही लापरवाही के चलते बच्चों का बचपन खतरे में है। हाल ही की दो घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है:
- दिल्ली की दिल दहलाने वाली घटना: दिल्ली में एक मासूम बच्ची ने स्कूल की बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना सिस्टम की उस विफलता को दर्शाती है जहाँ बच्चे स्कूल परिसर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
- लखनऊ स्कूल में हिंसक झड़प: लखनऊ से सामने आई घटना में एक बच्ची ने अपने ही सहपाठी को बुरी तरह पीटा, जिसके बाद पीड़ित बच्चा अस्पताल में भर्ती है। स्कूल प्रशासन की निगरानी में इस तरह की हिंसा का होना, स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
अभिभावकों की मांग: पारदर्शिता ही एकमात्र रास्ता
अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि शिक्षक क्लास में बच्चों के साथ गलत भाषा का प्रयोग करते हैं या उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में जब कोई घटना घटती है, तो स्कूल प्रशासन अक्सर पल्ला झाड़ लेता है। इसी को रोकने के लिए ‘द लाइट न्यूज़ इंडिया’ की मांग है:
- अभिभावकों को एक्सेस: जिस क्लास में बच्चा पढ़ता है, उस क्लासरूम के सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस सीधे माता-पिता को मिलना चाहिए।
- जवाबदेही और सुरक्षा: शिक्षकों के व्यवहार और बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल को पूरी तरह से जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
- पूर्ण पारदर्शिता: स्कूल और अभिभावकों के बीच किसी भी तरह की गोपनीयता नहीं, बल्कि ‘पूर्ण पारदर्शिता’ होनी चाहिए।
सुरक्षा हर बच्चे का हक है – अब चुप न रहें!
अगर आप भी मानते हैं कि आपके बच्चे की सुरक्षा आपकी प्राथमिकता है और आपको उनकी कक्षा की निगरानी का अधिकार होना चाहिए, तो इस मुहीम का हिस्सा बनें।
‘द लाइट न्यूज़ इंडिया’ आपसे अपील करता है:
- इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
- कमेंट में लिखें: #सीसीटीवी_फुटेज_जरूरी_है
याद रखें, स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा हमारे बच्चों को नहीं उठाना चाहिए। आपकी आवाज ही बदलाव लाएगी।
जनहित में जारी: द लाइट न्यूज़ इंडिया


