Edited By: Amrit Samuel, District Reporter Bijnor
बिजनौर: शहर के मुख्य रोडवेज बस स्टैंड पर ई-रिक्शा चालकों की अराजकता चरम पर है। हर रोज की तरह, आज भी मनमाने ढंग से ई-रिक्शा चालकों ने बस स्टैंड के मुख्य द्वार को पूरी तरह से घेर लिया, जिससे रोडवेज बसों के निकलने और यात्रियों के प्रवेश करने का रास्ता जाम हो गया (जैसा कि image 1 और image_2 में देखा जा सकता है)।
शहर में जाम के हालात, यात्रियों का जीना मुहाल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ये ई-रिक्शा चालक स्टैंड के ठीक सामने और बीच रास्ते में खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरा इलाका जाम की चपेट में आ जाता है। बस स्टैंड के बाहर और आसपास के रास्तों पर दर्जनों ई-रिक्शा बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे सड़क सिकुड़ जाती है और भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और महिलाओं को होती है, जिन्हें बसों तक पहुंचने के लिए अपना सामान उठाकर इन रिक्शों के बीच से गुजरना पड़ता है। बसों को स्टैंड से बाहर निकलने में घंटों लग जाते हैं, जिससे बसों की समय सारिणी भी प्रभावित हो रही है।
शिकायत करने पर मारपीट को होते हैं आमादा हैरानी की बात तो यह है कि यदि कोई यात्री या बस कर्मचारी इन चालकों को अनुशासन में रहने या रास्ता खाली करने के लिए कहता है, तो ये लोग लड़ने और झगड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। आए दिन बस स्टैंड पर ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों के बीच विवाद और हाथापाई की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लग रहा है।
प्रशासन और शासन की कड़ी निगरानी की मांग स्थानीय जनता और बस डिपो प्रशासन ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस गंभीर मामले का संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। मांग की गई है कि बस स्टैंड के मुख्य द्वार और आसपास के 100 मीटर के दायरे को ‘नो ई-रिक्शा ज़ोन’ घोषित किया जाए। यातायात पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले इन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और बस स्टैंड के सामने स्थायी रूप से पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि शहर के इस प्रमुख आवागमन केंद्र को सुचारू रूप से व्यवस्थित किया जा सके और जनता को परेशानी से बचाया जा सके।




